पिपलेश्वर घाट के पाथवे का नपं अध्यक्ष बघेल ने किया निरीक्षण

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कहा जनता के धन से होने वाले विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहींबारिश और कालीसिंध में जलभराव से प्रभावित हुआ था पाथवे, सुधार कार्य जारी

जिला ब्यूरो चीफ पवन परमार जिला देवास मध्यप्रदेश सोनकच्छ।

कालीसिंध नदी किनारे स्थित पिपलेश्वर घाट पर अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे वॉटर बॉडी रिजुवनेशन कार्य को लेकर उठे सवालों के बीच नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती श्रुति कृष्णपालसिंह बघेल ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन पाथवे का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों एवं संबंधितों से आवश्यक जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान नपं अध्यक्ष बघेल ने स्पष्ट कहा कि जनता के धन से होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही पूर्ण कराया जाएगा।41.62 लाख की योजना, 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण:नपं अध्यक्ष बघेल ने बताया कि नगर परिषद की ओर से मामले में कलेक्टर ऋतुराज सिंह को विस्तृत स्पष्टीकरण भी भेजा गया है।

स्पष्टीकरण के अनुसार अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत पिपलेश्वर घाट पर वॉटर बॉडी रिजुवनेशन कार्य की कुल स्वीकृत लागत 41.62 लाख रुपए है। इसमें पेवर पाथवे की लागत 2.27 लाख रुपए है। परियोजना का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।बारिश और नदी के जलभराव से प्रभावित हुआ

पाथवेअध्यक्ष बघेल ने बताया कि लगातार बारिश और कालीसिंध नदी में जलभराव के कारण पेवर पाथवे के कुछ हिस्से प्रभावित हुए थे। नगर परिषद ने इस संबंध में 17 जुलाई 2026 को ही संबंधित ठेकेदार को क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग हटाकर पुनः निर्माण करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में प्रभावित हिस्से में सुधार कार्य जारी है।

उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से का भुगतान फिलहाल रोक रखा गया है। पाथवे का कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तथा संतोषजनक तकनीकी परीक्षण के बाद ही संबंधित हिस्से का भुगतान किया जाएगा।अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि घाट पर लगाए गए लाल पत्थर,

गेबियन वॉल, लाइटिंग, प्लेटफॉर्म एवं बेंच सहित अन्य कार्य सुरक्षित हैं और इनमें किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। नगर परिषद द्वारा निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है।उज्जैन की तकनीकी टीम ने लिए निर्माण सामग्री के सैंपलपिपलेश्वर घाट का निरीक्षण संभागीय कार्यालय उज्जैन के संयुक्त संचालक राजीव निगम, मुख्य कार्यपालन यंत्री

गजानंद चौहान एवं तकनीकी टीम द्वारा भी किया जा चुका है। टीम ने मौके पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पाथवे के लेवल सहित विभिन्न तकनीकी बिंदुओं का निरीक्षण किया।तकनीकी टीम द्वारा निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री के सैंपल भी लिए गए हैं।

इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी स्थिति को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।गुणवत्ता को लेकर अध्यक्ष का स्पष्ट रुखनपं अध्यक्ष श्रीमती बघेल ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी स्तर पर तकनीकी कमी सामने आती है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।

निर्धारित मापदंडों के विपरीत किए गए कार्य को स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि घाट के शेष कार्य भी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कराए जाएंगे। परिषद का उद्देश्य क्षेत्रवासियों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ विकास कार्य उपलब्ध कराना है, ताकि जनता के धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ हो।

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