एक साथ, एक स्वर,एक लय

IMG-20260926-WA0021(1)

“एक साथ, एक स्वर,एक लय”

दतिया में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य आयोजनविद्या भारती द्वारा आयोजित नमामि

भारतम् वंदे मातरम के अंतर्गत वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में शुक्रवार को दतिया के किला चौक स्थित नवीन मॉल के सामने एक साथ,एक स्वर ,एक लय में सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम का भव्य

आयोजन किया गया इस कार्यक्रम को पूरे देश में 25 सितंबर 2026 को ठीक 11:00 बजे एक साथ एक करोड़ लोग वंदे मातरम गायन किया जा रहा है जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगाकार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कियाकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर धनराज जी (विभाग

प्रचारक मुरैना विभाग), रामकुमार जी व्यास (विभाग समन्वयक शिवपुरी विभाग), सुधीर जी पांडे (प्रधानाध्यापक पीजी कॉलेज दतिया, एनसीसी ऑफिसर), जगत जी शर्मा पत्रकार,साहित्यकार) पंचम सिंह जी कौरव (अध्यक्ष केशव बाल विकास समिति) विनोद जी मिश्रा (साहित्यकार

, संगीतकार,प्रमुख कलाकार) कपिल जी तांबे (प्राचार्य)अतिथि परिचय कार्यक्रम संयोजक दीपक शर्मा जी द्वारा कराया गया एवं अतिथि स्वागत किशोर भारती के प्रधानमंत्री भैया सुमित कुशवाहा, देवेश यादव एवं कन्या भारती की बहन रितिक का राजा

चौहान ने किया एवं विद्यालय के प्राचार्य कपिल जी तांबे द्वारा इस कार्यक्रम की भूमिका रखी गईइसके पश्चात बहन निशि पाठक, नैंसी कुशवाहा एवं खुशी यादव द्वारा सामूहिक वंदे मातरम गायन 3 मिनट 13 सेकंड में पूर्ण हुआ इस अवसर पर स्थान किला चौक पर राष्ट्रभक्ति,एकता और देश प्रेम के भाव से

गुंजायमान हो उठा इस कार्यक्रम के द्वारा विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति सम्मान गौरव एवं राष्ट्रीय चेतना की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया ।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित धनराज जी ने वंदे मातरम के पूरे इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा

की गीत की स्वरलिपि से राष्ट्र चेतना एकता का भाव प्रस्तुत होता है तथा इसकी रचना बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा की गई तथा इसे सर्वप्रथम 1886 में रविंद्र नाथ टैगोर द्वारा वंदे मातरम का गायन किया गया था उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को याद दिलाते हुए देशसेवा और चरित्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।

किला चौक स्थित नवीन मॉल के सामने कार्यक्रम में अभिभावकों, विद्यालय के भैया बहन एवं गणमान्य नागरिकों सहित कुल 600 लोग शामिल हुए इसके पश्चात उपस्थित समस्त अतिथियों का आभार विद्यालय के इकाई प्रमुख जगदीश जी कुशवाहा द्वारा व्यक्त किया गया एवं कार्यक्रम का सफल संचालन बहन

अनुराधा पटवा द्वारा किया गया अंत में जगदीश जी कुशवाहा द्वारा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गयाइसी क्रम में सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भी विद्या भारती द्वारा आयोजित वंदे मातरम की 150 वर्ष पूर्ण होने के

उपलक्ष्य में आयोजित नमामि भारतम् कार्यक्रम का आयोजन हुआइस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राघवेंद्र सिंह जी सेंगर (सचिव केशव बाल विकास समिति), केदार सिंह जी गुर्जर (जिला सरसंघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप

प्रज्वलित कियाअतिथि परिचय अरुण जी श्रीवास्तव द्वारा एवं अतिथि स्वागत बाल भारती के भैया कृष्ण वर्मा एवं नैतिक कोरी द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम की भूमिका श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव द्वारा रखी गई।इसके पश्चात बहन प्रियांशी, शिवन्या, भूमि,नव्या एवं रिद्धि द्वारा सामूहिक वंदे मातरम गायन 3 मिनट 13 सेकंड में पूर्ण हुआ मुख्य अतिथि के तौर

पर उपस्थित राघवेंद्र जी सेंगर द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर विद्या भारती पूरे देश में एक साथ एक स्वर एक ले में 25 सितंबर 2026 को ठीक 11:00 बजे एक साथ एक करोड़ लोग गायन करेंगे यह वंदे मातरम का विश्व रिकॉर्ड बनने जा रहा है इसमें संपूर्ण वंदे मातरम के सामूहिक गायन का आयोजन का राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक

स्वाभिमान का जागरण किया गया तथा मुख्य अतिथि ने वंदे मातरम का महत्व और उसकी भारत की स्वतंत्रता से पूर्व वंदे मातरम की स्थिति के बारे में बताया तथा वंदे मातरम का विरोध स्वतंत्रता से पूर्व एवं स्वतंत्रता के बाद भी देशद्रोही करते रहे लेकिन हमारे देश में वंदे मातरम नारे से ही हमको आजादी मिली।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे केदार

सिंह जी गुर्जर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राष्ट्रहित के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन तथा नई पीढ़ी में संस्कार एवं राष्ट्रभाव विकसित करने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किया इस गरिमामय कार्यक्रम के आयोजन के अवसर पर विद्यालय परिसर में भैया बहन, आचार्य दीदी एवं अभिभावकों सहित लगभग

170 लोग शामिल हुएकार्यक्रम का सफल संचालन सीता सक्सेना दीदी एवं बहन अनुष्का साहू द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम संयोजक दीपक जी सक्सेना रहे । सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ़ के विद्यालय परिसर में कार्यक्रम का समापन राष्ट्र भाव एवं वंदे मातरम के उद्घोष के साथ हुआ।

About The Author