राजस्थान। प्यासे बेजुबानों को मिली राहत: फुलियाकलां गौ सेवा टीम व युवाओं की मेहनत से फिर लबालब हुआ पशु जलस्रोत

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भीषण गर्मी में गौसेवा का अनूठा उदाहरण: युवाओं ने सूखा पशु जल-पॉइंट किया पुनर्जीवित

शाहपुरा (भीलवाड़ा)- राजेन्द्र खटीक।

फूलियाकलां (शाहपुरा)-भीषण गर्मी और जल संकट के दौर में फुलियाकलां गौ सेवा टीम एवं रतनपुरा के युवाओं ने सेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए सूख चुके पशु जल-पॉइंट को पुनः चालू कर सैकड़ों बेजुबान पशुओं को राहत प्रदान की है।

जानकारी के अनुसार बंगला के हैंडपंप के पास तसवारिया रोड एवं राता देही के निकट स्थित पशुओं के पीने के पानी का पॉइंट पूरी तरह सूख गया था। यह जलस्रोत आसपास के सैकड़ों पशुओं और गौवंश के लिए पानी का प्रमुख सहारा था।

पानी समाप्त होने से पशु एक-एक बूंद के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हो गए थे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फुलियाकलां गौ सेवा टीम तथा रतनपुरा के युवाओं ने जल-पॉइंट को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया। युवाओं ने लगभग 2 से 3 किलोमीटर दूर से पाइपलाइन बिछाकर मोटर इंजन एवं अल्टरनेटर की व्यवस्था की तथा लगातार मेहनत कर सूखे पड़े जल-पॉइंट तक पानी पहुंचाया।

सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप जल-पॉइंट पुनः पानी से लबालब भर गया।जलस्रोत के पुनः संचालित होने से क्षेत्र के गौवंश एवं अन्य बेजुबान पशुओं को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने युवाओं के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए इसे जीवों के प्रति करुणा, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

युवाओं का कहना है कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे समय में आगे आकर जीव-जंतुओं और जरूरतमंदों की सहायता करनी चाहिए। उनका यह प्रयास संदेश देता है कि सेवा और समर्पण की भावना से कठिन से कठिन कार्य भी संभव बनाए जा सकते हैं।

“जहाँ सेवा का भाव होता है, वहाँ असंभव भी संभव हो जाता है।”

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