मुक्तिधाम के पीछे पहाड़ी तोड़ने का आरोप, प्लॉटिंग को लेकर उठे सवाल

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और इसके बाद जमीन पर प्लॉटिंग एवं निर्माण का कार्य किया जा रहा है।*मौके पर काम कर रहे लोगों का कहना बताया जा रहा है कि उक्त पहाड़ी जिला प्रशासन द्वारा लीज पर दी गई है। हालांकि, लीज की शर्तें, अनुमति और पहाड़ी तोड़ने के लिए आवश्यक स्वीकृतियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ स्थानों पर विद्युत विभाग की 11 केवी लाइन के

आसपास भी पहाड़ काटे जाने से सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना स्पष्ट अनुमति के ब्लास्टिंग कर पहाड़ी तोड़ने और जमीन को समतल करने का काम लगातार जारी है। इसके बाद बेशकीमती जमीन पर प्लॉटिंग और मकान बनाकर बिक्री किए जाने की बात भी सामने आ रही है।मामले में अब सवाल यह है कि क्या

संबंधित विभागों से पहाड़ी काटने, खनन, ब्लास्टिंग, भूमि उपयोग परिवर्तन और प्लॉटिंग की वैध अनुमति ली गई है? यदि अनुमति नहीं है तो इतनी बड़ी कार्रवाई लंबे समय से कैसे जारी है?स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और

विद्युत विभाग से मौके का निरीक्षण कर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है, ताकि प्राकृतिक एवं राजस्व संपदा को हो रहे संभावित नुकसान को रोका जा सके।

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